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पेंशनर के लिए दिशा निर्देश
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यदि आप बैंक के माध्यम से डीपीडीओ से पेंशन लेने वाले रक्षा पेंशनर हैं, कृपया निम्नलिखित बातें ध्यान में रखें :-
1. प्रत्येक 12 महीने की अवधि में अपनी पहचान करा लें।
2. सामान्यतः डीपीडीओ कार्यालयों में तैनात अधिकारी तथा कर्मचारी प्रत्येक माह की 15 से 25 तारीख तक पेंशन भुगतान अनुसूचियों की प्रोसेसिंग तथा प्रिटिंग करके उन्हें विभिन्न बैंकों की शाखाओं को पेंशन भुगतान हेतु भेजने का कार्य करते हैं। इस कार्य में किंसी भी प्रकार से हुए विलंब के कारण बैंक द्वारा आपकी पेंशन को आपके खाते में जमा करने के कार्य में भी विलंब होगा। अतएव पेंशनरों से अनुरोध है किं वो अपने किंसी भी प्रकार के कार्यों, सेवाओं, पहचान आदि के लिए किंसी माह के प्रथम पखवाड़े में ही अथवा माह के अंत के पांच दिनों में डीपीडीओ कार्यालय आएं। इस प्रकार डीपीडीओ कार्यालयों में तैनात अधिकारी तथा कर्मचारी आपकी बेहतर सेवा कर सकेंगे।
3. यदि आप विदेश में कार्य कर रहे हैं अथवा रह रहे हैं तो वहां स्थित भारतीय कांउसलेट/दूतावास/उच्चायोग के माध्यम से जीवित होने संबंधी प्रमाण पत्र प्राप्त कर प्रेषित करें। इस प्रकार आप प्रतिवर्ष पहचान के लिए डीपीडीओ कार्यालय में उपस्थित होने की असुविधा से बचेंगे। अधिक जानकारी के लिए कृपया हमारे लिंक ''प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) पर जाएं।
4. यदि आप सरकारी विभाग, सरकारी निकायों, अर्ध-सरकारी स्वायत्तशासी निकायों में कार्य कर रहे हैं, तो आप अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम(हस्तारक्ष) से अपना पहचान/जीवित होने संबंधी प्रमाण पत्र भेज सकते हैं।
5. पहचान के लिए डीपीडीओ कार्यालय आते समय कृपया अपना पहचान पत्र तथा पेंशन बुक अवश्य साथ लाएं। .
6. पेंशनरों को अपनी पेंशन बुक सुरक्षित प्रकार से रखनी चाहिए। पेंशन बुक किंसी भी दशा में बंधक नहीं रखी जा सकती।
7. किंसी भी प्रकार की आकस्मिकता की स्थिति में यथा नौकरी लगना, पुनः सेवायोजित होना, विवाह होना, पुनर्विवाह होना, राष्ट्रीयता में परिवर्तन, पेंशनर की मृत्यु अथवा उसके पति/पत्नी की मृत्यु, गिरपत्तारी, किंसी न्यायालय के द्वारा आभयोजित किंया जाना इत्यादि मामलों में डीपीडीओ कार्यालय को तत्काल सूचित किंया जाना चाहिए। इस प्रकार वे आपकी बेहतर सेवा कर सकेंगे। इन तथ्यों को छिपाने/गुप्त रखने से आपको अथवा आपके परिवार के सदस्यों को बाद में असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
8. कृपया सुनिश्चित करें किं आपके जीवित रहने के समय ही आपके पति अथवा पत्नी के पक्ष में संयुक्त अधिसूचना जारी कर दी जाए। इस प्रकार डीपीडीओ को आपके परिवार को तत्काल परिवार पेंशन देना आरंभ करने में सहायता होगी तथा मृत्यु के कारण परिवार को होने वाली असुविधाओं का निदान हो सकेगा।
9. पेंशनरों को सलाह दी जाती है किं वो अपने पति अथवा पत्नी को बकाया राशियों के प्राप्त करने हेत नामांकिंत कर दें। पति अथवा पत्नी के न होने की स्थिति में जीवित होने के दौरान मिलने वाली बकाया राशियों के लिए परिवार के किंसी अन्य सदस्य अथवा वैध उत्तराधिकारी को नामांकिंत कर दें ताकिं बाद में किंसी प्रकार की असुविधा न हो।
10. यदि आप किंन्हीं प्राधिकारियों (डीपीडीओ/आंचलिक कार्यालयों/ऱले़नि़(पें.सं.)आदि को किंसी प्रकार का अभ्यावेदन देना चाहते हैं तो कृपया अपना नाम, एच ओ नंबर (डीपीडीओ द्वारा आवंटित पेंशन बुक नंबर), आपका पूरा पता, बैंक का नाम जहां आप पेंशन प्राप्त कर रहे हों आदि विवरण साफ-साफ लिखा जाना चाहिए। इस प्रकार अधिकारियों को आपसे संबंधित फाइल प्राप्त करने तथा आपकी शिकायत के निवारण में सुविधा होगी।
11. यदि किंन्हीं सरकारी आदेशों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो इस वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। नवीनतम आदेशों के लिए इस वेबसाइट के लिंक ''पेंशनर्स पेज'' पर क्लिक करें।