dfs जेनसेट टेंडर कांट्रैक्ट कों वैबसाइट पर अपलोड करने के संबंध में           Transfer of cases pending before District Courts, 29-Feb-2016           Compliance to the PFRDA Regulations, 2015           Revision of pension in respect of PE_2006 comissioned Officer          Forwarding of Nominal roll for the year 2015-16           Public Servants Second Amendment Rules, 2015 fdsf
आई टी
fds fds

वर्ष 1983 में डाकघरों एवं राज्य कोषागारों से पेंशन संवितरण के कार्यो को लेने हेतु रक्षा लेखा नियंत्रक(पें.सवि.) और इसके अधीन रक्षा पेंशन संवितरण कार्यालयों की स्थापना की गई । पेंशन संवितरण की जिम्मेदारी लेने के उपरान्त संगठन द्वारा अनेक प्रारम्भिक समस्याओं का सामना करने के उपरांत नई बैंकिग योजना को लागू करने का निश्चय किया गया । यह योजना पेंशनरों की मासिक पेंशन को उनके बैंक के बचत खाते में उसकी इच्छानुसार शाखा, में जमा करने की सुविधा प्रदान करती है | प्रारम्भ में इस योजना के अधीन केवल राष्ट्रीयकृत और अनुसूचित बैक समाविष्ट थे , लेकिन बाद में इस योजना के अधीन कुछ चुने निजी क्षेत्र के बैंक भी सम्मिलित कर लिए गए ।

नई पेंशन संवितरण प्रणाली(एनपीडीएस) 1988 में लागू की गई थी,जिसके अंतर्गत पेंशनर का संपूर्ण आधारभूत विवरण मास्टर में लेकर मंहगाई भत्ते के बकाया की गणना तथा पेंशन के परिवर्तित (कम्युटेड) मूल्य की गणना स्वचालित प्रणाली से कर ली जाती थी । इस (एनपीडीएस) नई पेंशन संवितरण प्रणाली को बाद में परिवर्धित रूप में RNPDS के रूप में लागू किया गया । एनपीडीएस के अधीन डाटा बेस का मूल आधार DPDO द्वारा उसको आवंटित किया गया HO No. होता था । एचओ नंबर प्रत्येक पेंशनर के लिए पेंशन पुस्तिका नंबर एवं फाइल नंबर है ।

कालांतर में यह अनिवार्य हो गया कि सभी रक्षा पेंशनर संवितरण अधिकारियों की मास्टर फाइल का मिलान पेंशन मंजूरी प्राधिकारी(PSA) की मास्टर फाइल से करके एकल डाटाबेस तैयार करलें ताकि प्रत्येक रक्षा पेंशनर संवितरण अधिकारियों द्वारा किये गये पेंशन भुगतान की सत्यता का सत्यापन किया जा सके । इस दृष्टि से एक्सेल-की में बदलाव किया जाना आवश्यक था ताकि वह PSA के मास्टर के अनुरूप हो सके । अतः 1998 में RNPDS नाम से एक नई प्रणाली निर्मित की गई जिसके अंतर्गत विशेष पीपीओ सं. तथा पेन टाइप (पेंशन टाइप) को एक्सेस-की का रूप दिया गया ।

आरएनपीडीएस के अधीन मासिक पेंशन अनुसूचियां दिल्ली,मेरठ,चण्ड़ीगढ,इलाहाबाद एवं चैन्नई स्थित 5 ईडीपी केन्द्रों द्वारा केन्द्रीय रूप से मुद्रित की जाती थी । पेंशन संवितरण के कार्य को प्रयोक्ता के अधिक अनुकूल बनाए जाने के विचार से पेंशन अनुसूचियों का मासिक प्रक्रमण तथा छापे जाने की प्रक्रिया को विकेन्द्रीकृत करके यह दायित्व डीपीडीओ को दे दिया गया ।

डीपीडीओ बरार स्क्वायर प्रथम डीपीडीओ था जिसे 2001 में विकेन्द्रीकृत किया गया था । डी पी डी ओ से कार्य संबंधित कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा हैं । इस कार्य हेतु तैनात सभी व्यक्तियों को रक्षा लेखा नियंत्रक (पें.संवि.) द्वारा अपने मुख्य कार्यालय में आंतरिक रूप में चलाए जा रहे प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से अथवा आँचलिक कार्यालयों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित डीपीडीओ कार्यालयों में प्रशिक्षित किया जाता हैं ।

Next